शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रॉनों को उनकी काइरैलिटी (chirality) के आधार पर अलग करने के लिए एक नई विधि विकसित की है, जो उनके स्पिन से संबंधित एक गुण है, और इसके लिए चुंबकीय क्षेत्रों की आवश्यकता नहीं है। नेचर (Nature) में हाल ही में प्रकाशित एक लेख में विस्तृत इस सफलता में, पैलेडियम गैलियम (PdGa) नामक सामग्री में टोपोलॉजिकल बैंड (topological bands) की क्वांटम ज्यामिति का उपयोग विपरीत काइरैलिटी वाले इलेक्ट्रॉनों को फिल्टर करने और उन्हें अलग-अलग, स्थानिक रूप से पृथक रास्तों में निर्देशित करने के लिए किया गया है।
अध्ययन के अनुसार, यह नया दृष्टिकोण पिछली विधियों की सीमाओं को दूर करता है जो चिरल फर्मियोनिक (chiral fermionic) परिवहन को नियंत्रित करने के लिए मजबूत चुंबकीय क्षेत्रों या चुंबकीय डोपिंग पर निर्भर थीं। सामग्री के अंतर्निहित क्वांटम गुणों का उपयोग करके, टीम ने विपरीत फर्मियोनिक काइरैलिटी वाले धाराओं के वास्तविक-स्थान पृथक्करण को प्राप्त किया और उनके क्वांटम हस्तक्षेप को देखा।
अनुसंधान टीम ने तीन-भुजा ज्यामिति में सिंगल-क्रिस्टल PdGa से उपकरण बनाए। इन उपकरणों ने चिरल फर्मियन के क्वांटम-ज्यामिति-प्रेरित असामान्य वेगों को प्रदर्शित किया, जिससे एक गैर-रेखीय हॉल प्रभाव (nonlinear Hall effect) उत्पन्न हुआ। परिणामस्वरूप अनुप्रस्थ चिरल धाराएँ, जिनमें विपरीत असामान्य वेग थे, उपकरण की बाहरी भुजाओं में स्थानिक रूप से अलग हो गईं।
"[परियोजना पर एक प्रमुख शोधकर्ता]", ने कहा, "यह इलेक्ट्रॉन प्रवाह को नियंत्रित करने का एक मौलिक रूप से नया तरीका है। [अनुसंधान के महत्व के बारे में उद्धरण, उदाहरण के लिए, 'यह अधिक ऊर्जा-कुशल और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विकास की संभावनाओं को खोलता है।']"
चिरल धाराओं का पृथक्करण विपरीत संकेतों के साथ कक्षीय चुम्बकत्व के पृथक्करण की ओर भी ले जाता है, जो इलेक्ट्रॉन व्यवहार के नियंत्रण में एक और आयाम जोड़ता है।
टोपोलॉजिकल सेमीमेटल्स (Topological semimetals), सामग्रियों का वह वर्ग जिससे PdGa संबंधित है, टोपोलॉजिकल बैंड क्रॉसिंग (topological band crossings) पर विपरीत काइरैलिटी वाले फर्मियन को होस्ट करते हैं। इन सामग्रियों ने अपने अद्वितीय इलेक्ट्रॉनिक गुणों के कारण संघनित-पदार्थ भौतिकी (condensed-matter physics) में महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया है। इन सामग्रियों के भीतर चिरल फर्मियन में हेरफेर करने की क्षमता इलेक्ट्रॉनिक और स्पिनट्रोनिक (spintronic) उपकरणों में प्रगति का कारण बन सकती है।
टीम के निष्कर्ष चिरल फर्मियन के अद्वितीय गुणों का उपयोग करने वाले नए प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विकास में संभावित अनुप्रयोगों का सुझाव देते हैं। आगे का शोध डिवाइस डिजाइन को अनुकूलित करने और समान क्वांटम ज्यामितीय गुणों वाली अन्य सामग्रियों की खोज पर ध्यान केंद्रित करेगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह काम अधिक कुशल और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकता है जो इलेक्ट्रॉनों के आवेश के अलावा उनके स्पिन का भी उपयोग करते हैं।
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