टाइप 2 मधुमेह शारीरिक रूप से मानव हृदय को बदलता है, अध्ययन में पाया गया
एक नए अध्ययन के अनुसार, टाइप 2 मधुमेह केवल हृदय रोग के खतरे को ही नहीं बढ़ाता है; यह शारीरिक रूप से हृदय को नया आकार देता है, ऊर्जा उत्पादन को बाधित करता है और मांसपेशियों के ऊतकों को कठोर बनाता है। सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने, दान किए गए मानव हृदय का उपयोग करते हुए, पाया कि मधुमेह मौलिक रूप से हृदय की संरचना और कार्य को बदल देता है, जिससे यह विफलता के करीब पहुँच जाता है। निष्कर्ष इन हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए लक्षित उपचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हैं।
4 जनवरी, 2026 को प्रकाशित अध्ययन में पता चला कि मधुमेह हृदय कोशिकाओं द्वारा ऊर्जा उत्पादन के तरीके को बाधित करता है, मांसपेशियों की संरचना को कमजोर करता है, और कठोर, रेशेदार ऊतक के निर्माण को ट्रिगर करता है। यह निर्माण हृदय के लिए प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना कठिन बना देता है।
अनुसंधान के अनुसार, ये परिवर्तन इस्केमिक हृदय रोग वाले व्यक्तियों में विशेष रूप से गंभीर हैं, जो हृदय विफलता का सबसे आम कारण है। अध्ययन ने प्रदर्शित किया कि कैसे मधुमेह मानव हृदय पर एक स्थायी छाप छोड़ता है।
शोधकर्ताओं ने प्रभावी उपचार विकसित करने के लिए इन शारीरिक परिवर्तनों को समझने के महत्व पर जोर दिया। अध्ययन हृदय पर टाइप 2 मधुमेह के हानिकारक प्रभावों का मुकाबला करने के लिए लक्षित उपचारों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
Discussion
Join the conversation
Be the first to comment