मेटा ने 6 गीगावाट से अधिक बिजली के लिए तीन परमाणु ऊर्जा कंपनियों के साथ समझौते किए। इन समझौतों का उद्देश्य तकनीकी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी के ऊर्जा-भूखे डेटा केंद्रों को ऊर्जा प्रदान करना है। यह कदम AI विकास का समर्थन करने के लिए विश्वसनीय, 24/7 बिजली की बढ़ती मांग को रेखांकित करता है।
ओक्लो और टेरापॉवर, दोनों छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) डेवलपर, ने मेटा के लिए कई रिएक्टरों के निर्माण के लिए समझौते किए। विस्ट्रा अपने मौजूदा परमाणु संयंत्रों से बिजली की आपूर्ति करेगी। मेटा ने प्रस्तावों के लिए अनुरोध जारी किया, जिससे ये समझौते हुए।
ये समझौते स्थापित परमाणु ऑपरेटरों और SMR स्टार्टअप दोनों के लिए एक बढ़ावा का संकेत देते हैं। मौजूदा रिएक्टर लागत प्रभावी बेसलोड बिजली प्रदान करते हैं। ओक्लो और टेरापॉवर जैसी SMR कंपनियों का लक्ष्य छोटे रिएक्टरों के बड़े पैमाने पर उत्पादन के माध्यम से लागत कम करना है। मेटा का निवेश SMR तकनीक को अपनी स्केलेबिलिटी और आर्थिक व्यवहार्यता साबित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
तकनीकी कंपनियां अपनी विश्वसनीयता के कारण तेजी से परमाणु ऊर्जा को पसंद कर रही हैं। डेटा केंद्रों को भारी मात्रा में निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है। SMR इस मांग को पूरा करने के लिए एक संभावित समाधान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उद्योग इन परियोजनाओं की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेगा। SMR की तैनाती की सफलता डेटा सेंटर ऊर्जा के भविष्य को नया आकार दे सकती है। मेटा की पहल परमाणु नवाचार में और अधिक निवेश को बढ़ावा दे सकती है।
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