यूरोप का अंतरिक्ष उद्योग एरियान 6 रॉकेट में एक बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रहा है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) मौजूदा डिज़ाइन को फिर से ठीक करने के विकल्पों की खोज कर रही है। इस कदम का उद्देश्य रॉकेट की व्यय योग्य प्रकृति को संबोधित करना है।
प्रस्ताव में एरियान 6 को आंशिक रूप से पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान में बदलना शामिल है। ESA पहले से ही पुन: प्रयोज्य रॉकेट प्रौद्योगिकी पर केंद्रित परियोजनाओं को वित्त पोषित कर रहा है। इनमें वर्टिकल टेकऑफ़ और वर्टिकल लैंडिंग सिस्टम शामिल हैं। एजेंसी भारी कार्गो लॉन्च के लिए अपग्रेड को भी प्रोत्साहित कर रही है।
यह संभावित पुन: डिज़ाइन यूरोपीय अंतरिक्ष रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। यह पुन: प्रयोज्य रॉकेटों की बढ़ती आवश्यकता को स्वीकार करता है। इस कदम से उभरती यूरोपीय रॉकेट कंपनियों पर असर पड़ सकता है। वे वर्तमान में छोटे उपग्रह लांचर विकसित कर रही हैं।
एरियान 6, हाल ही में शुरू होने के बावजूद, अभी भी व्यय योग्य तकनीक पर निर्भर है। यह पुन: प्रयोज्य मॉडलों के विपरीत है जो विश्व स्तर पर लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान यूरोपीय प्रयासों में एकीकरण का अभाव है, जिससे प्रगति बाधित हो रही है।
ESA, यूरोपीय आयोग और राष्ट्रीय सरकारों को धन और रणनीति पर एकमत होने की आवश्यकता होगी। एरियान 6 का भविष्य इन निर्णयों पर निर्भर करता है। रेट्रोफिट योजना पर आगे के विवरण जल्द ही अपेक्षित हैं।
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