वाणिज्य विभाग के अनुसार, एनवीडिया को मंगलवार को अमेरिकी सरकार से अपने H200 उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिप्स को चीन को बेचने की हरी झंडी मिल गई। यह निर्णय पिछली उन पाबंदियों को उलट देता है जो इस चिंता से प्रेरित थीं कि ये प्रोसेसर चीन की तकनीकी और सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा देंगे।
वाणिज्य विभाग ने निर्धारित किया कि चीन को H200 चिप्स की शिपमेंट संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने पर निर्भर है। पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले चीन में "अनुमोदित ग्राहकों" को 25% शुल्क के अधीन चिप बिक्री की अनुमति देने की इच्छा जताई थी। वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो की संशोधित निर्यात नीति में H200 चिप्स और कम परिष्कृत प्रोसेसर दोनों शामिल हैं।
इस स्वीकृति का AI चिप बाजार के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ है। जबकि H200 एनवीडिया का दूसरा सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर है, ब्लैकवेल प्रोसेसर, जिसे दुनिया का सबसे उन्नत AI सेमीकंडक्टर माना जाता है, चीन में बिक्री के लिए अवरुद्ध है। H200 की स्वीकृति एनवीडिया को महत्वपूर्ण चीनी बाजार तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे कंपनी घरेलू चीनी चिप निर्माताओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकती है। यह कदम अधिक उन्नत ब्लैकवेल चिप पर प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप होने वाले कुछ वित्तीय दबाव को संभावित रूप से कम कर सकता है।
सीईओ जेन्सेन हुआंग के नेतृत्व में एनवीडिया, AI चिप उद्योग में एक प्रमुख शक्ति है। इसके प्रोसेसर AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और तैनात करने के लिए आवश्यक हैं, जो डेटा केंद्रों से लेकर स्वायत्त वाहनों तक सब कुछ संचालित करते हैं। AI कंप्यूटिंग शक्ति की बढ़ती मांग के कारण हाल के वर्षों में कंपनी के राजस्व में वृद्धि हुई है।
आगे देखते हुए, प्रतिस्पर्धी परिदृश्य पर इस स्वीकृति का प्रभाव अभी देखा जाना बाकी है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यु ने कहा कि बीजिंग ने लगातार चिप बिक्री पर प्रतिबंधों का विरोध किया है। जटिल नियामक वातावरण को नेविगेट करने और एक स्थिर आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने की एनवीडिया की क्षमता चीनी बाजार में इसकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी। अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर दीर्घकालिक प्रभाव भविष्य के नीतिगत निर्णयों और दोनों देशों में नवाचार की गति पर भी निर्भर करेगा।
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