गूगल रिसर्च ने एलएलएम की सटीकता को बढ़ाने के लिए एक आश्चर्यजनक रूप से सरल तकनीक का खुलासा किया। इनपुट प्रॉम्प्ट को दोहराने से प्रदर्शन में 76% तक की वृद्धि हो सकती है। पिछले महीने जारी किए गए पेपर में निष्कर्षों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रॉम्प्ट को दोहराने से उन कार्यों पर परिणाम काफी बेहतर हुए जिनके लिए जटिल तर्क की आवश्यकता नहीं होती है। यह विधि जेमिनी, जीपीटी-4ओ, क्लाउड और डीपसीक जैसे प्रमुख मॉडलों में काम करती है। अध्ययन पिछले कुछ वर्षों में विकसित जटिल प्रॉम्प्टिंग रणनीतियों को चुनौती देता है।
इसका तत्काल प्रभाव एआई अनुकूलन का संभावित सरलीकरण है। इंजीनियर कम जटिल तरीकों से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं। एआई समुदाय अब इस खोज के निहितार्थों का मूल्यांकन कर रहा है।
पहले, "चेन ऑफ थॉट" और मल्टी-शॉट प्रॉम्प्टिंग जैसी जटिल विधियों को आवश्यक माना जाता था। यह नया शोध बताता है कि कई कार्यों के लिए एक अधिक सीधा दृष्टिकोण पर्याप्त हो सकता है।
आगे के शोध में प्रॉम्प्ट पुनरावृत्ति की सीमाओं का पता लगाया जाएगा। भविष्य के अध्ययन अधिक जटिल तर्क कार्यों पर इसकी प्रभावशीलता की जांच कर सकते हैं। निष्कर्ष एलएलएम विकास रणनीतियों को नया आकार दे सकते हैं।
Discussion
Join the conversation
Be the first to comment