ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी और सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने स्ट्रेचेबल ऑर्गेनिक लाइट एमिटिंग डायोड (ओएलईडी) तकनीक में एक बड़ी सफलता की घोषणा की है, जो पहनने योग्य उपकरणों और त्वचा पर लगने वाले स्वास्थ्य सेंसरों के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकती है। नए ओएलईडी डिज़ाइन, जिसका विवरण हाल ही में एक प्रकाशन में दिया गया है, लचीले डिस्प्ले में लंबे समय से चली आ रही एक सीमा को दूर करता है, जो कि अत्यधिक खिंचाव होने पर भी चमक बनाए रखता है।
इस उन्नति की कुंजी एक अत्यधिक कुशल प्रकाश उत्सर्जक सामग्री को टिकाऊ, पारदर्शी इलेक्ट्रोड के साथ जोड़ना है जो एमएक्सिन (MXene) से बने हैं, जो एक द्वि-आयामी नैनोमटेरियल है। अनुसंधान टीम द्वारा किए गए परीक्षणों से पता चला है कि बार-बार खिंचाव और विरूपण के बाद भी डिस्प्ले ने अपनी चमक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बरकरार रखा। यह विकास लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चुनौती का समाधान करता है, जहां तनाव के तहत प्रदर्शन को बनाए रखना सर्वोपरि है।
ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी में इस परियोजना के एक प्रमुख शोधकर्ता डॉ. [प्रमुख शोधकर्ता का नाम - यदि उपलब्ध हो, अन्यथा छोड़ दें] ने कहा, "यह वास्तव में लचीले और पहनने योग्य डिस्प्ले के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।" "हमारे नवीन सामग्रियों और डिज़ाइन का संयोजन प्रदर्शन से समझौता किए बिना अभूतपूर्व स्तर की स्ट्रेचेबिलिटी की अनुमति देता है।"
ओएलईडी तकनीक, जो पहले से ही लचीले स्मार्टफोन, घुमावदार कंप्यूटर मॉनीटर और आधुनिक टेलीविजन में प्रचलित है, लंबे समय से पहनने योग्य उपकरणों में एकीकरण का वादा करती रही है। मानव शरीर के अनुरूप डिस्प्ले बनाने की क्षमता तापमान, रक्त प्रवाह और दबाव जैसे महत्वपूर्ण संकेतों की रीयल-टाइम निगरानी सहित कई संभावनाओं को खोलती है। इस तरह की तकनीक का स्वास्थ्य सेवा, खेल प्रदर्शन निगरानी और यहां तक कि संवर्धित वास्तविकता अनुप्रयोगों पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
यह शोध लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ती वैश्विक रुचि पर प्रकाश डालता है। जापान, दक्षिण कोरिया और कई यूरोपीय देशों सहित विभिन्न देशों में इसी तरह के शोध प्रयास चल रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक विभिन्न सामग्रियों और डिज़ाइन दृष्टिकोणों की खोज कर रहा है। लचीले डिस्प्ले की मांग अधिक आरामदायक, अनुकूलनीय और एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की इच्छा से प्रेरित है।
इस विकास में एमएक्सिन (MXene) का उपयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय है। ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी में खोजी गई, एमएक्सिन (MXene) दो-आयामी सामग्रियों का एक वर्ग है जिसमें असाधारण विद्युत चालकता और यांत्रिक शक्ति होती है। उनकी पारदर्शिता और लचीलापन उन्हें लचीले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग के लिए आदर्श बनाता है। ओएलईडी तकनीक में एमएक्सिन (MXene) को एकीकृत करने में टीम की सफलता इन सामग्रियों की इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता को दर्शाती है।
वर्तमान में यह तकनीक प्रोटोटाइप चरण में है। शोधकर्ता अब डिस्प्ले के स्थायित्व और दीर्घायु में सुधार करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए संभावित विनिर्माण प्रक्रियाओं की खोज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आगे का शोध डिस्प्ले की ऊर्जा दक्षता को अनुकूलित करने और उन्हें सेंसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक घटकों के साथ एकीकृत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। टीम का अनुमान है कि आगे के विकास और नियामक अनुमोदन के बाद यह तकनीक अगले कुछ वर्षों में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हो सकती है।
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