सूडान में कथित नरसंहार के बाद अलगाव के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव रखा गया है। रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) मिलिशिया पर अल-फ़ाशर, दारफ़ुर में जातीय सफ़ाई का आरोप है। यह प्रस्ताव मानवीय संकट के चरम पर पहुँचने के बाद आया है।
यह संघर्ष अल-फ़ाशर को तबाह कर गया, जो कभी विविधता का प्रतीक था। यह शहर अब काफ़ी हद तक खाली है। ये घटनाएँ सूडान में युद्ध छिड़ने के बाद हुईं। कथित नरसंहार की तारीख़ निर्दिष्ट नहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मानवीय युद्धविराम का प्रस्ताव कर रहा है। इस प्रस्ताव के लिए सावधानीपूर्वक राजनीतिक विचार-विमर्श की आवश्यकता है। यह साधारण नैतिक अपीलों से आगे जाता है।
युद्ध शुरू होने के बाद से मानवीय युद्धविराम एक आवर्ती विषय रहा है। वे अक्सर तब सुझाए जाते हैं जब मानवीय स्थिति बिगड़ जाती है। कथित अपराधों की गंभीरता के कारण यह प्रस्ताव अलग है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय संभवतः युद्धविराम की शर्तों पर बहस करेगा। ध्यान आगे की क्रूरताओं को रोकने पर होगा। अल-फ़ाशर का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
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