वीडियो गोपनीयता कानून और ऑनलाइन डेटा साझाकरण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट यह तय करने वाला है कि क्या पैरामाउंट ग्लोबल ने कथित तौर पर उपयोगकर्ता के देखने के इतिहास को बिना सहमति के फेसबुक को बताकर 1988 के वीडियो गोपनीयता संरक्षण अधिनियम (VPPA) का उल्लंघन किया है। आर्स टेक्निका के अनुसार, माइकल सालाज़ार बनाम पैरामाउंट ग्लोबल का मामला दशकों पुराने कानून के भीतर "उपभोक्ता" की परिभाषा पर केंद्रित है।
माइकल सालाज़ार ने 2022 में पैरामाउंट के खिलाफ एक क्लास एक्शन मुकदमा दायर किया, जिसमें दावा किया गया कि कंपनी ने उसकी व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी बिना उसकी सहमति के फेसबुक को बताई, सालाज़ार की सुप्रीम कोर्ट में याचिका के अनुसार। आर्स टेक्निका ने बताया कि सालाज़ार ने पैरामाउंट के स्वामित्व वाली साइट 247Sports.com के माध्यम से एक ऑनलाइन न्यूज़लेटर के लिए साइन अप किया था और इस प्रक्रिया में अपना ईमेल पता प्रदान किया था।
VPPA मूल रूप से वीडियो किराये के रिकॉर्ड की गोपनीयता की रक्षा के लिए अधिनियमित किया गया था। अब, सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा कि यह कानून ऑनलाइन वीडियो देखने के डेटा को साझा करने पर कैसे लागू होता है।
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