AI मॉडल GPU कर्नेल को मानव विशेषज्ञों की तुलना में तेज़ी से अनुकूलित करता है
स्टैनफोर्ड, Nvidia और Together AI के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित एक नई तकनीक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, VentureBeat के अनुसार, एक महत्वपूर्ण GPU कर्नेल को पिछली अत्याधुनिक तकनीक की तुलना में दोगुना तेज़ चलाने के लिए अनुकूलित किया है, जिसे मानव विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया था। तकनीक, जिसे टेस्ट-टाइम ट्रेनिंग टू डिस्कवर (TTT-Discover) नाम दिया गया है, तर्क के लिए मॉडल को अधिक समय देने के पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देती है।
VentureBeat ने बताया कि TTT-Discover मॉडल को अनुमान प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षण जारी रखने में सक्षम बनाता है, जिससे वह हाथ में मौजूद विशिष्ट समस्या के लिए अपने भार को अपडेट कर सकता है। यह दृष्टिकोण वर्तमान उद्यम AI रणनीतियों के विपरीत है जो अक्सर "जमे हुए" मॉडल पर निर्भर करती हैं, जहाँ मॉडल के पैरामीटर स्थिर रहते हैं, चाहे वह बंद हो या खुला तर्क मॉडल।
संबंधित AI समाचारों में, AI समुदाय OpenAI, Google और Anthropic जैसी कंपनियों के बड़े भाषा मॉडल की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखता है। MIT Technology Review ने उल्लेख किया कि समुदाय प्रत्येक नई रिलीज़ के साथ अपनी सांसें थामे रहता है जब तक कि METR (मॉडल इवैल्यूएशन थ्रेट रिसर्च), एक AI अनुसंधान गैर-लाभकारी संस्था, अपने उस ग्राफ को अपडेट नहीं कर देती जो AI क्षमताओं को ट्रैक करता है। यह ग्राफ, जो पहली बार पिछले साल मार्च में जारी किया गया था, बताता है कि कुछ AI क्षमताएं तेजी से विकसित हो रही हैं, और Claude Opus 4.5 जैसे हालिया मॉडल उस प्रवृत्ति से आगे निकल गए हैं।
अन्य विज्ञान समाचारों में, भूवैज्ञानिकों की एक टीम ने इस बात के प्रमाण खोजे हैं कि पृथ्वी के नीचे छिपी दो प्राचीन, महाद्वीप-आकार की, अति गर्म संरचनाओं ने पिछले 265 मिलियन वर्षों से ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित किया है, Wired ने बताया। इन द्रव्यमानों को, जिन्हें बड़े निम्न-शियर-वेलोसिटी प्रांतों (LLSVPs) के रूप में जाना जाता है, ग्रह की सबसे विशाल और रहस्यमय वस्तुओं में से एक हैं। वर्तमान अनुमान बताते हैं कि प्रत्येक का आकार अफ्रीकी महाद्वीप के आकार के बराबर है, जो 2,900 किलोमीटर की गहराई पर दफन है। Wired के अनुसार, ये निम्न-स्तरीय सतह ऊर्ध्वाधर वेग (LLVV) क्षेत्र पृथ्वी के मेंटल के अनियमित क्षेत्रों का निर्माण करते हैं, जिसमें आसपास के मेंटल की तुलना में अधिक गर्म, सघन और रासायनिक रूप से भिन्न सामग्री होती है।
इसके अलावा अगली पीढ़ी की परमाणु ऊर्जा का विषय भी सुर्खियों में है। MIT Technology Review ने हाल ही में एक ऑनलाइन गोलमेज चर्चा में उन्नत परमाणु ऊर्जा, हाइपरस्केल AI डेटा केंद्रों और ग्रिड के बारे में सवालों को संबोधित किया। एक महत्वपूर्ण प्रश्न अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन की आवश्यकताओं के इर्द-गिर्द घूमता था। इनमें से कई रिएक्टर पारंपरिक रिएक्टरों में पाए जाने वाले कम-समृद्ध यूरेनियम का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला संबंधी विचारों के बारे में सवाल उठते हैं।
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