ईरान के विदेश मंत्री ने ईरानी विरोध प्रदर्शनों में हस्तक्षेप करने की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की चेतावनी को "लापरवाह और खतरनाक" बताया। अब्बास अराघची का यह बयान ट्रम्प के शुक्रवार को सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के मारे जाने पर अमेरिकी हस्तक्षेप का वादा किया था। आर्थिक तंगी से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर इस सप्ताह तेहरान और अन्य शहरों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका "तैयार है और जाने के लिए तत्पर है," लेकिन संभावित कार्यों को निर्दिष्ट नहीं किया। अराघची ने जवाब दिया कि ईरान के सशस्त्र बल तैयार हैं। अमेरिका ने पहले ईरानी परमाणु स्थलों पर हमले किए हैं, जिसके कारण कतर में एक अमेरिकी अड्डे पर जवाबी कार्रवाई हुई।
ईरानी सरकार ट्रम्प की टिप्पणियों को अपनी संप्रभुता के लिए सीधा खतरा मानती है। यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्षों में उसकी भूमिका को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, और कई लोग सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों से ईरान को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। आर्थिक स्थितियों और सरकारी नीतियों से जनता की असंतुष्टि को दर्शाते हुए विरोध प्रदर्शन असामान्य नहीं हैं। अमेरिका का ईरानी मामलों में लंबे समय से हस्तक्षेप रहा है, जिसमें 1979 की क्रांति से पहले शाह के लिए समर्थन भी शामिल है।
स्थिति अभी भी अस्थिर है। दोनों सरकारों के आगे के बयान और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाइयाँ संकट की तत्काल दिशा निर्धारित करेंगी। अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक प्रयास तेज होने की संभावना है।
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