अमोनिया उत्पादन पर केंद्रित एक स्टार्टअप, अमोनिया (Ammobia) ने घोषणा की है कि उसने उत्पादन लागत को संभावित रूप से 40% तक कम करने के लिए सदी पुरानी हेबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch process) को परिष्कृत किया है। TechCrunch के साथ विशेष रूप से साझा की गई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने अपनी तकनीक को बढ़ाने के लिए 7.5 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की है।
फंडिंग राउंड में एयर लिक्विड (Air Liquide) के वेंचर आर्म (venture arm) ALIAD, शेवरॉन टेक्नोलॉजी वेंचर्स (Chevron Technology Ventures), चियोडा कॉर्पोरेशन (Chiyoda Corporation), एमओएल स्विच (MOL Switch), और शेल वेंचर्स (Shell Ventures) के निवेश शामिल थे। अमोनिया (Ammobia) की संशोधित हेबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch process) का उद्देश्य अमोनिया उत्पादन को अधिक कुशल और किफायती बनाना है।
हेबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch process), जो 20वीं शताब्दी की शुरुआत में विकसित हुई थी, अमोनिया को संश्लेषित करने की प्राथमिक विधि है, जो उर्वरकों का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसके बिना, कृषि उपज में भारी कमी आएगी, जिससे संभावित रूप से व्यापक खाद्य संकट हो सकता है। हालांकि, पारंपरिक प्रक्रिया ऊर्जा-गहन और महंगी है। अमोनिया (Ammobia) का दावा है कि उसकी प्रगति इन मुद्दों का समाधान करती है।
उर्वरक के अलावा, अमोनिया विभिन्न उद्योगों को डीकार्बोनाइज (decarbonizing) करने के लिए हाइड्रोजन के संभावित विकल्प के रूप में लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश औद्योगिक अनुप्रयोगों और परिवहन में अमोनिया के उपयोग की खोज कर रहे हैं। जबकि हाइड्रोजन को भी डीकार्बोनाइजेशन (decarbonization) में एक प्रमुख खिलाड़ी माना जाता है, अमोनिया ऊर्जा घनत्व और परिवहन में फायदे प्रदान करता है। कंपनी ने कहा, "अमोनिया का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे परिवहन और स्टोर करना बहुत आसान और अधिक लागत प्रभावी है।"
अमोनिया (Ammobia) की सफलता स्वच्छ ऊर्जा वाहक और औद्योगिक फीडस्टॉक (industrial feedstock) के रूप में अमोनिया को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। हेबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch process) में सुधार पर कंपनी का ध्यान अधिक टिकाऊ भविष्य के लिए मौजूदा तकनीकों को अनुकूलित करने में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सीड फंडिंग अमोनिया (Ammobia) को अपनी तकनीक को बड़े पैमाने पर विकसित करने और प्रदर्शित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे संभावित रूप से अमोनिया उत्पादन और इसके अनुप्रयोगों में क्रांति आएगी।
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