वैज्ञानिकों ने थाइम (thyme) के अर्क की चिकित्सीय क्षमता का उपयोग करने के लिए एक नई एनकैप्सुलेशन (encapsulation) विधि विकसित की है, जो संभावित रूप से इसे सटीक रूप से डोज़ (dose) की गई और स्थिर दवा के रूप में बदल सकती है। अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स (American Institute of Physics) के शोधकर्ताओं ने इस विकास की घोषणा करते हुए बताया कि इस तकनीक में थाइम के अर्क की मिनट मात्रा को सूक्ष्म कैप्सूल के भीतर फंसाना शामिल है, जिससे वाष्पीकरण को रोका जा सकता है और संभावित जलन को कम किया जा सकता है। यह विधि नैनोडोज़ (nanodoses) की लगातार डिलीवरी (delivery) का वादा करती है और फार्मास्यूटिकल्स (pharmaceuticals) और खाद्य उत्पादों दोनों में भविष्य के अनुप्रयोगों के लिए आशाजनक है।
यह नवाचार प्राकृतिक अर्क के उपयोग में एक महत्वपूर्ण चुनौती का समाधान करता है: उनकी अंतर्निहित अस्थिरता और डोज़ (dosage) को नियंत्रित करने में कठिनाई। थाइम का अर्क, जिसे थाइमोल (thymol), कारवाक्रोल (carvacrol), रोज़मारिनिक एसिड (rosmarinic acid) और कैफीक एसिड (caffeic acid) जैसे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले यौगिकों के लिए पहचाना जाता है, इन सीमाओं के कारण प्रभावी ढंग से देना मुश्किल रहा है। नई एनकैप्सुलेशन (encapsulation) तकनीक इन बाधाओं को दूर करती है, जिससे अधिक विश्वसनीय और लक्षित उपचार का मार्ग प्रशस्त होता है।
परियोजना पर प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अन्या शर्मा ने बताया, "मुख्य बात सटीकता है।" "थाइम के अर्क को एनकैप्सुलेट (encapsulate) करके, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि सक्रिय यौगिकों को लगातार और नियंत्रित तरीके से पहुंचाया जाए, जिससे उनके चिकित्सीय प्रभाव को अधिकतम किया जा सके और संभावित दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।" सूक्ष्म कैप्सूल सुरक्षात्मक बाधाओं के रूप में कार्य करते हैं, अर्क को क्षरण से बचाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि यह शरीर के भीतर अपने इच्छित लक्ष्य तक पहुंचे।
इस शोध के निहितार्थ थाइम से आगे तक फैले हुए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि एनकैप्सुलेशन (encapsulation) विधि को अन्य प्राकृतिक अर्क की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ उपयोग के लिए अनुकूलित किया जा सकता है, जिससे संभावित रूप से कई पौधों और जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों को अनलॉक (unlock) किया जा सकता है। इससे विभिन्न बीमारियों के लिए नए उपचारों का विकास हो सकता है, जो स्वास्थ्य सेवा के लिए अधिक प्राकृतिक और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
यह विकास दवा अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डालता है। थाइम के अर्क के लिए आदर्श कैप्सूल आकार, सामग्री और रिलीज़ (release) तंत्र की पहचान करने के लिए एनकैप्सुलेशन (encapsulation) प्रक्रिया को अनुकूलित करने के लिए एआई (AI) एल्गोरिदम (algorithms) का उपयोग किया गया था। इस एआई (AI)-संचालित दृष्टिकोण ने अनुसंधान प्रक्रिया को काफी तेज किया और एनकैप्सुलेशन (encapsulation) तकनीक की दक्षता में सुधार किया।
डॉ. शर्मा ने कहा, "एआई (AI) हमारे द्वारा नई दवाएं विकसित करने के तरीके में क्रांति ला रहा है।" "डेटा की विशाल मात्रा का विश्लेषण करने के लिए एआई (AI) का उपयोग करके, हम आशाजनक दवा उम्मीदवारों की पहचान कर सकते हैं और उनकी डिलीवरी (delivery) को अनुकूलित कर सकते हैं, जिससे अंततः अधिक प्रभावी और व्यक्तिगत उपचार हो सकते हैं।"
अनुसंधान टीम वर्तमान में एनकैप्सुलेटेड (encapsulated) थाइम के अर्क की सुरक्षा और प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए प्रीक्लिनिकल (preclinical) परीक्षण कर रही है। वे अगले दो वर्षों के भीतर मानव नैदानिक परीक्षण शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यदि सफल रहा, तो यह तकनीक सटीक दवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व कर सकती है, जो प्रकृति की उपचार शक्ति का उपयोग करने का एक नया तरीका प्रदान करती है। निष्कर्ष एप्लाइड फिजिक्स लेटर्स (Applied Physics Letters) पत्रिका में प्रकाशित हुए थे।
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