अमेरिकी सरकार ने गुरुवार को हैती की संक्रमणकालीन राष्ट्रपति परिषद के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी। यह चेतावनी हैती में अमेरिकी दूतावास के एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आई। अमेरिका का लक्ष्य कैरेबियाई राष्ट्र में सुरक्षा और स्थिरता स्थापित करना है।
उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा कि परिषद की संरचना में कोई भी बदलाव अमेरिकी उद्देश्यों को कमजोर करेगा। परिषद का कार्यकाल 7 फरवरी को समाप्त होने वाला है। अमेरिका ऐसे बदलावों को समस्याग्रस्त मानेगा।
अमेरिका ने यह नहीं बताया कि वह क्या कार्रवाई कर सकता है। हैती सरकार ने अभी तक अमेरिकी धमकी का जवाब नहीं दिया है। अमेरिका दशकों से हैती के मामलों में शामिल रहा है।
हैती में वर्षों से व्यापक गिरोह हिंसा हो रही है। अशांति के बीच हजारों लोग मारे गए हैं। संक्रमणकालीन राष्ट्रपति परिषद एक गैर-निर्वाचित निकाय है।
अमेरिका संभवतः परिषद की कार्रवाइयों पर बारीकी से नजर रखेगा। अमेरिकी विदेश विभाग से आगे के बयानों की उम्मीद है। स्थिति अभी भी अस्थिर है।
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