अलास्का का आर्कटिक अभूतपूर्व जंगल की आग का सामना कर रहा है। एक नए अध्ययन से पता चला है कि आग की गतिविधि 3,000 वर्षों के उच्च स्तर पर है। यह शोध, बायोजीओसाइंसेस में प्रकाशित हुआ, एक अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा किया गया था। इसमें अलास्का के नॉर्थ स्लोप पर ध्यान केंद्रित किया गया।
अध्ययन में पीट कोर और सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया गया। वैज्ञानिकों ने 1950 के दशक से आग में तेज़ी से वृद्धि पाई। बढ़ते तापमान और फैलती झाड़ियाँ प्रमुख कारक हैं। इन स्थितियों ने मिट्टी को सुखा दिया, जिससे तीव्र आग लग गई।
बढ़ी हुई आग की गतिविधि महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करती है। यह आर्कटिक पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डालती है और संग्रहीत कार्बन को छोड़ती है। विशेषज्ञों का चेतावनी है कि इससे जलवायु परिवर्तन में तेजी आ सकती है। शमन प्रयासों की तत्काल आवश्यकता है।
हजारों वर्षों से, आर्कटिक में जंगल की आग दुर्लभ थी। 20वीं शताब्दी एक महत्वपूर्ण मोड़ थी। बढ़ते तापमान ने अधिक ज्वलनशील परिदृश्य बनाया। यह बदलाव एक खतरनाक नए अग्नि युग का संकेत देता है।
शोधकर्ता आग की गतिविधि की निगरानी जारी रखने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य दीर्घकालिक प्रभावों को समझना है। आगे के अध्ययन आर्कटिक की आग को प्रबंधित करने के लिए रणनीतियों का पता लगाएंगे। लक्ष्य कमजोर पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा करना है।
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