खगोलविदों ने रेडियो रंगों में मिल्की वे (आकाशगंगा) का एक अद्भुत नया दृश्य अनावरण किया। 24 जनवरी, 2026 को जारी की गई इस अभूतपूर्व छवि में पहले छिपे हुए तारों के जन्म और तारकीय मृत्यु को उजागर किया गया है। यह अभूतपूर्व विस्तार के साथ विशाल गांगेय संरचनाओं को भी दर्शाती है।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोनॉमी रिसर्च (ICRAR) ने यह छवि तैयार की। वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा की छिपी हुई विशेषताओं को मैप करने के लिए कम-आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों का उपयोग किया। परिणाम पहले से कहीं अधिक तेज, गहरा और व्यापक दृश्य है।
यह खोज दुनिया भर के शोधकर्ताओं को तारों के जीवन चक्र को बेहतर ढंग से समझने की अनुमति देती है। यह हमारी आकाशगंगा के आकार में भी नई अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। खगोलविद अब तारकीय विस्फोटों के अवशेषों से तारे बनाने वाले क्षेत्रों को अलग कर सकते हैं।
मिल्की वे, हमारा गांगेय घर, का अध्ययन सदियों से संस्कृतियों में किया गया है। यह नई रेडियो छवि एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है, जो दुनिया भर के दूरबीनों से प्राप्त अवलोकनों पर आधारित है। यह दक्षिणी गोलार्ध से एक अनूठा दृश्य प्रस्तुत करती है।
शोधकर्ताओं ने आकाशगंगा की संरचना और विकास की आगे जांच के लिए इस डेटा का उपयोग करने की योजना बनाई है। अंतर्राष्ट्रीय टीम को ब्रह्मांड के और रहस्यों को उजागर करने की उम्मीद है। आगे के विश्लेषण से मिल्की वे के और भी छिपे हुए अजूबों का पता चलने का वादा है।
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